|
मुख्यालय पर स्थापित विकास कक्ष का प्रभारी प्रधान मुख्य वन संरक्षक, विकास होते हैं तथा वह सीधे प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख के अधीनस्थ एवं उनके निर्देशन में विकास शाखा के समस्त कार्य का संपादन करते हैं। विकास शाखा में महत्वपूर्ण कक्ष हैं :- बजट कक्ष, विदोहन कक्ष, स्थापना कक्ष, ऑडिट कक्ष, मॉनिट कक्ष, विधानसभा कक्ष।
- शाखा की मुख्य गतिविधियां :-
- बजट योजनाओं का संचालन : विकास शाखा द्वारा 2 योजनाऐं 7882 कार्य आयोजना का क्रियान्वयन एवं 4342 वन अधोसंरचना का सुदृढीकरण का संचालन।
- विभिन्न योजनाओं में किये गये पौधा रोपण के आंकडों का संकलन।
- भारत सरकार से विदोहन की अनुमति प्राप्त करना।
- शाखा की महत्वपूर्ण उपलब्धियां :-
- कार्य आयोजना का क्रियान्वयन योजना:-
विभाग में प्रत्येक वनमंडल की 10 वर्षों की कार्य आयोजना तैयार की जाकर उसकी स्वीकृति क्षेत्रीय कार्यालय, भारत सरकार पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से प्राप्त की जाती है। इसके उपरांत स्वीकृत कार्य आयोजना अनुसार वनों का प्रबंधन किया जाता है। योजना के माध्यम से कम घनत्व वाले बिगडे वन क्षेत्रों में वनीकरण किया जाता है। साथ ही सघन वनों में विदोहन उपरांत पुनरूत्पादन हेतु सहायक वन वर्धनिक कार्य एवं अग्नि सुरक्षा कार्य आदि कराये जाते हैं। कार्य आयोजना के क्रियान्वयन के तहत वर्ष 2025-26 में लगभग 2 लाख हेक्टेयर वनक्षेत्र में वनों के पुनरूत्पादन एवं पुनर्स्थापना के कार्य प्रचलित है। वर्ष 2025-26 में प्रावधानित राशि रू. 639 करोड का पूर्ण उपयोग कर लिया जावेगा ।
- वन अधोसंरचना का सुदृढीकरण :-
विभाग में कर्मचारियों एवं अधिकारियों हेतु आवासीय एवं कार्यालयीन भवनों का निर्माण विभाग द्वारा प्राथ्मिकता पर किया जाता है। वर्ष 2025-26 में 215 संरचनाओं हेतु स्वीकृति जारी की गई है। वर्ष 2025-26 में प्रावधानित राशि रू. 45.00 करोड का पूर्ण उपयोग कर लिया जावेगा।
प्रदेश में कार्य आयोजना का क्रियान्वयन योजना अंतर्गत वन क्षेत्रों में प्रति वर्ष वृहद स्तर पर पौधा रोपण कार्य कराया जाता है। वर्षा ऋतु 2025 में कार्य आयोजना का क्रियान्वयन योजना के तहत कुल 89.64 लाख पौधों का रोपण किया गया है।
कार्य आयोजनाओं के प्रावधानों के अनुरूप प्रदेश के पुनरूत्पादन क्षेत्रों में विदोहन हेतु भारत सरकार से विदोहन की स्वीकृति प्राप्त की जाती है। वर्ष 2025-26 में 37 क्षेत्रीय वन मण्डल एवं 1 टाईगर रिजर्व के बफर क्षेत्र हेतु कुल 108938.59 हेक्टेयर क्षेत्र हेतु भारत सरकार से विदोहन की स्वीकृति प्राप्त है।
|