मानव संसाधन विकास

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उद्देश्य :


  • सीधी भर्ती के भारतीय वन सेवा अधिकारी, राज्य वन सेवा अधिकारी, वनक्षेत्रपाल, वनरक्षकों एवं पदोन्नत वनक्षेत्रपाल तथा वनपालों के लिये प्रशिक्षण के आयोजन
  • उच्च कोटि का तकनीकी, प्रबंधिक, प्रशासकीय एवं व्यवहारिक ज्ञान एवं कौशल विकास
  • विभिन्न गतिविधियों एवं परिवर्तनों की अद्यतन जानकारी देना

प्रशिक्षण कार्यक्रम- भारत सरकार द्वारा प्रायोजित एवं संचालित -


भारतीय वन सेवा अधिकारियों का प्रशिक्षण-
  • सेवा के दौरान भारत सरकार द्वारा आयोजित भारतीय वन सेवा अधिकारियों का एक सप्ताह का प्रशिक्षण एवं 3 दिवसीय कार्यशालाओं के लिये अधिकारियों के नामांकन की कार्यवाही
Mandatory Mid Career Training program
  • 07-09, 16-18 तथा 26-28 वर्ष की सेवा अवधि उपरांत यह प्रशिक्षण भारत सरकार द्वारा आयोजित।
Senior Foresters Workshops :-
  • भारतीय वन सेवा के 30 वर्ष की सेवा कालीन अधिकारियों (सामान्यतः PCCF/ APCCF) के लिये 3 दिवसीय कार्यशाला
  • भारतीय वन सेवा के 25 वर्ष की सेवा कालीन अधिकारियों (सामान्यतः APCCF/CCF) के लिये 3 दिवसीय कार्यशाला
Promotion linked Advanced Forest Management –
  • भारतीय वन सेवा के 10, 17 एवं 21 वर्ष के सेवाकाल के अधिकारियों के लिये Promotion linked Advanced Forest Management दो सप्ताह के लिये प्रशिक्षण
Promotion linked skills up-gradation course :-
  • राज्य वन सेवा से भारतीय वन सेवा में पदोन्नत अधिकारियों के लिये Promotion linked skills up-gradation course हेतु 10 सप्ताह का प्रशिक्षण
राज्य वन सेवा के अधिकारियों का प्रशिक्षण-डी.एफ.ई. देहरादून द्वारा प्रायोजित
  • राज्य के बाहर वन शिक्षा निदेशालय देहरादून द्वारा विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण
  • उपरोक्‍त प्रशिक्षणों हेतु अधिकारियों का नामांकन भारत सरकार द्वारा किया जाता है।
  • प्रधान मुख्‍य वन संरक्षक एवं अपर प्रधान मुख्‍य वन संरक्षक स्‍तर के अधिकारियों को राज्‍य से बाहर प्रवास  की अनुमति देने हेतु म.प्र. राज्‍य शासन सक्षम है।
  • मुख्‍य वन संरक्षक एवं उसके नीचे के समस्‍त स्‍तर अधिकारियों को राज्‍य से बाहर प्रवास  की अनुमति देने हेतु प्रधान मुख्‍य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख सक्षम है।

मानव संसाधन विकास शाखा द्वारा 9 वन विद्यालयों का संचालन किया जाता है, जो निम्नानुसार है:


क्रं. वन विद्यालय नियंत्रणकर्ता अधिकारी
1. वन क्षेत्रपाल महाविद्यालय, बालाघाट प्राचार्य, वनक्षेत्रपाल महाविद्यालय
2. वन विद्यालय, बैतूल संचालक, वन विद्यालय, बैतूल
3. वन विद्यालय, अमरकंटक (जिला - अनुपपुर) संचालक, वन विद्यालय, अमरकंटक
4. वन विद्यालय, शिवपुरी संचालक, वन विद्यालय, शिवपुरी
5. राजीव गांधी सहभागी वानिकी प्रशिक्षण संस्‍थान, लखनादौन (जिला – सिवनी) वनमंडलाधिकारी, उत्तर सिवनी क्षेत्रीय व.मं.
6. वन विद्यालय, गोविन्‍दगढ़ (जिला – रीवा) वनमंडलाधिकारी, रीवा क्षेत्रीय व.मं.
7. इंदिया गांधी वन प्रशिक्षण शाला, पचमढ़ी (जिला – होशंगाबाद) उप संचालक, सतपुड़ा बाघ.रिजर्व., पचमढ़ी
8. वन विद्यालय, झाबुआ वनमंडलाधिकारी, झाबुआ क्षेत्रीय व.मं.
9. जैव विविधता प्रशिक्षण केन्‍द्र, ताला (जिला – उमरिया) उप संचालक, बांधवगढ़ बाघ.रिजर्व.,उमरिया

इन प्रशिक्षण शालाओं का उपयोग सीधी भर्ती के वन रक्षकों के प्रवर्तन प्रशिक्षण तथा पदोन्नत वन पालों के सेवा कालीन प्रषिक्षण देने में किया जा रहा है। इन शालाओं के प्रभारी पदों पर भारतीय वन सेवा एवं राज्य वन सेवा अधिकारियों की पदस्थिति की जाती है। इन प्रषिक्षण शालाओं में भी प्रशिक्षण हेतु आवष्यक अधोसंरचना जैसे प्रशासनिक खण्ड, व्याख्यान कक्ष, क्रीड़ागन, छात्रावास इत्यादि उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त उप वन क्षेत्रपाल पद से पदोन्नत वनक्षेत्रपालों के लिये वनक्षेत्रपाल महाविद्यालय, बालाघाट में 6 माह का नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं।
विभिन्न संवर्गो में भर्ती उपरान्त संबंधित प्रशिक्षण संस्थानों से नियमित प्रशिक्षणों को प्राप्त कर भारतीय वन सेवा अधिकारियों, राज्य वन सेवा अधिकारियों, सीधी भर्ती के वनक्षेत्रपालों एवं वनरक्षकों के लिये वनमंडलों में क्षेत्रीय/व्यवहारिक प्रशिक्षण निर्धारित समयावधि के दौरान आयोजित किये जाते हैं। इन क्षेत्रीय/व्यवहारिक प्रशिक्षण के कार्यक्रमों व रुपरेखा को निर्धारित किया जाकर सभी वन वृत्तों एवं वनमंडलों को उपलब्ध कराए गये हैं।

विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों का संचालन एवं प्रशिक्षणों की कुल अवधि-


  1. समस्त 9 वन विद्यालयों में प्रशिक्षण कार्यक्रमों का संचालन-
    • पदोन्नत वनक्षेत्रपाल प्रशिक्षण कार्यक्रम (15 दिन प्रथम एवं 15 दिन द्वितीय सत्र)
    • वनपाल प्रशिक्षण कार्यक्रम (45 दिवसीय)
    • वनरक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम (6 माह)
  2. सीधी भर्ती के सहायक वन संरक्षक एवं वनक्षेत्रपालों के प्रशिक्षण-
    • सहायक वन संरक्षक का 2 वर्ष का प्रशिक्षण पाठ्यक्रम
    • वनक्षेत्रपालों का केन्द्रीय अकादमियों में 18 माह का प्रशिक्षण
  3. रिफ्रेशर कोर्स -
    • सहायक वन संरक्षक, वनक्षेत्रपालों एवं वनरक्षक के लिये
वनपाल प्रशिक्षण कार्यक्रम -
मध्यप्रदेश वन सेवा भर्ती नियम 2001 में उप वनक्षेत्रापाल के पद पर पदोन्नति हेतु वनपाल का 45 दिवस का प्रशिक्षण अनिवार्य किया गया है। पदोन्नत वनपाल के द्वारा यदि विभागीय प्रशिक्षण प्राप्त नहीं किया जाता है तो वे उप वनक्षेत्रापाल के पद पर पदोन्नति हेतु पात्र नहीं होंगे। वनपाल स्तर के कर्मचारी के 45 दिवसीय प्रशिक्षण की व्यवस्था प्रदेश के समस्‍त वन विद्यालयों में की गई है।
वनपाल प्रशिक्षण हेतु पाठयक्रम -
  1.  वन अधिनियमों का संक्षिप्त ज्ञान
  2.  वन अपराध प्रकरणों की जांच प्रक्रिया एवं न्यायालयों में प्रस्तुत करना
  3.  बीट निरीक्षण प्रक्रिया एवं हानि प्रकरण तैयार करना
  4.  वन वर्धनिक कार्य के अन्तर्गत थिनिंग फेलिंग, पी‌.जी.ओ. ऑपरेशन, लॉगिंग एवं टिम्बर डिपो के कार्य
  5. एक्शन प्लान का बनाना एवं क्रियान्वयन
  6. फारेस्ट सर्वे एवं प्राथमिक वन अभियांत्रिकी
  7. नर्सरी एवं प्लानटेशन तकनीकी
  8. कार्यों के देयकों तैयार करना
  9. बकाया वन राजस्व की वसूली एवं दाखिल खजाना करना संग्रहण
  10. लघु वनोपज संग्रहण प्रक्रिया (विशेष रूप से तेन्दूपत्ता एवं अन्य वनोपज) एवं लेखा संधारण
  11. संयुक्त वन प्रबंधन
  12. वन सुरक्षा के उपाय विशेष रूप से वन चैकियों के कार्य प्रणाली से अवगत कराना, बारा बोर बंदूक का रखरखाव एवं संचालन।
  13. सूचना प्रोद्योगिकी जैसे कम्प्यूटर, सी.डी., सी.जी.एस. एवं सेल फोन का उपयोग
  14. शासकीय/अशासकीय विभागों में समन्वय, जनता एवं जन प्रतिनिधियों के प्रति संवेदनशीलता

उक्त विषयों के अतिरिक्त प्रशिक्षण के दौरान प्रत्येक प्रशिक्षणार्थियों को नियमित फिजीकल ट्रेनिंग एवं खेलकूद का प्रशिक्षण अनिवार्य है। साथ ही साथ प्रत्येक प्रशिक्षाणार्थी को अनुशासन में रहकर प्रशिक्षण प्राप्त करना होता है। एक माह के प्रशिक्षण के उपरांत उपरोक्तानुसार विषयों की परीक्षा ली जाती है। प्रशिक्षण के उपरांत 15 दिवस में परीक्षा लेकर परिणाम घोषित होता है। परीक्षा के कुल 500 अंक निर्धारित हैं। परीक्षा के लिये 5 प्रश्न पत्र होते हैं, प्रत्येक प्रश्न पत्र 100 अंक का होता है। उपरोक्‍त प्रश्‍न पत्रों में निम्‍नानुसार विषय सम्मिलित रहेंगे -

क्र. प्रश्न पत्र क्र.   सम्मिलित विेषय  पूर्णांक
1. प्रश्न पत्र - I 1 वन अधिनियमों का संक्षिप्त ज्ञान 100 अंक
2 वन अपराध प्रकरणों की जांच प्रक्रिया एवं न्यायालयों में प्रस्तुत करना
3 बीट निरीक्षण प्रक्रिया एवं हानि प्रकरण तैयार करना
2. प्रश्न पत्र - II 4 वन वर्धनिक कार्य के अंतर्गत मासिक फेलिंग, पीजीओ ऑपरेशन, लागिंग एवं टिॅबर डिपो के कर्यो का ज्ञान 100 अंक
5 एक्शन प्लान का बनाया एवं क्रियान्वयन
6 फारेस्‍ट सर्वे एवं प्राथमिक वन अभियांत्रिकी ज्ञान
3. प्रश्न पत्र - III 7 नर्सरी एवं प्लानटेशन तकनीकी का ज्ञान 100 अंक
8 कार्यों के देयकों का बनाना
9 बकाया वन राजस्व की वसूली एवं दाखिल खजाना करना
4. प्रश्न पत्र - IV 10 लघु वनोपज संग्रहण प्रक्रिया (विशेष रूप से तेन्‍दुपत्‍ता एवं अन्‍य वनोपज) एवं लेखा संधारण 100 अंक
11 संयुक्‍त वन प्रबंधन का ज्ञान
5. प्रश्न पत्र - V 12 वन सुरक्षा के उपाय विशष रूप से वन चौकियों के कार्य प्रणाली से अवगत कराना, बारा बोर बंदूक का रखरखाव एवं संचालन 100 अंक
13 सूचना प्रौद्योगिकी का ज्ञान-जैसे कम्‍प्‍यूटर, सी.डी., सीजीएस एवं सेल फोन का ज्ञान
14 शासकीय/अशासकीय विभागों में समन्‍वय, जनता एवं जन प्रतिनिधियों के प्रति संवेदनशीलता

 

वनरक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम -

प्रदेश के समस्‍त 09 वन विद्यालयों में 06 माह का वन रक्षक प्रशिक्षण आयोजित किया जाता है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के अन्तर्गत विभिन्न वानिकी विषयों एवं अन्य विषयों- कम्प्यूटर कार्य, अनुशासन, नेतृत्व कौशल, संवाद कौशल पर व्याख्यान एवं व्यवहारिक/प्रायोगिक प्रशिक्षण दिया जाता हैं। इसके अतिरिक्त मध्य प्रदेश के विभिन्न वनमण्डलों/राष्ट्रीय उद्यानों के वनों एवं वन्यप्राणी पर्यावास स्थलों एवं उनमें चल रहे विभिन्न वानिकी एवं अन्य कार्यों का अध्ययन करने बावत् 15 दिवसीय अध्ययन प्रवास पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित होता है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिदिन पी.टी. एवं खेलकूद आयोजित किये जाते हैं। वन रक्षकों को पुलिस लाईन में शस्त्र अभ्यास का व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके अतिरिक्त प्रारंभिक उपचार का भी व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया जाता है।

वनरक्षक प्रशिक्षण हेतु पाठ्यक्रम -


1 वन वर्धन । 2 वन वर्धन ।।
3 वन सुरक्षा एवं वन विधि 4 वन सर्वेक्षण, सूचना प्रौद्यागिकी एवं अभियांत्रिकी
5 वन उपयोगिता 6 वन्‍यप्राणी संरक्षण
7 लेखा एवं प्रक्रियाएं 8 सामुदायिक वानिकी एवं ग्रामीण विकास
9 पर्यावरण संरक्षण 10 प्राथमिक उपचार

वनरक्षक प्रशिक्षण परीक्षा -


  1. प्रशिक्षण के अंतिम माह में क्षेत्रीय प्रशिक्षण प्रस्तुतीकरण संबंधित विषयों पर लिखित/मौखिक परीक्षा आयोजित की जाती है ।
  2. वनरक्षक प्रशिक्षणार्थी को समस्त विषयों में उत्तीर्ण होने पर ही प्रशिक्षण पूर्ण माना जावेगा।
  3. परीक्षा संचालन हेतु समिति गठित की जाती है, जिसमें 1 अनुदेशक तथा 2 सहायक अनुदेशक सदस्य होते हैं।
  4. लिखित परीक्षा हेतु प्रत्येक इकाई के लिए आब्जेक्टिव टाइप एवं संक्षिप्त उत्तर का प्रश्नपत्र होता है। आब्जेक्टिव प्रश्नों में प्रशिक्षणार्थी को स्वयं अपने हाथ से प्रश्न का उत्तर अंकित करना होगा अर्थात् केवल बाक्स में टिक किए जाने की प्रणाली नहीं अपनाई जायेगी।
  5. परीक्षा के दौरान यदि काई प्रशिक्षणार्थी तीन विषयों में फेल होता है तो संचालक मंडल प्रत्येक विषय में 10 नम्बर कृपांक दे सकेंगे। संचालक मंडल में क्षेत्रीय वन संरक्षक/मुख्‍य वन संरक्षक अध्यक्ष होंगे तथा संचालक विद्यालय एवं अनुदेशक उक्त समिति के सदस्य होंगे।
  6. तीन विषयों से अधिक विषयों में फेल होने पर सभी विषयों की पूरक परीक्षा ली जावेगी। पूरक परीक्षा में पास होना आवश्यक होगा।
परीक्षा के अंक
अधिकतम अंक
  • परीक्षा हेतु अधिकतम अंक 1000 निर्धारित है।
उत्तीर्ण अंक 
  • प्रत्येक प्रश्नपत्र में 50 प्रतिशत अंक प्राप्त करने पर उत्तीर्ण माना जावेगा।
आचरण अंक
  • पाठ्येत्तर गतिविधियों-खेलकूद आदि उपलब्धियों तथा अनुशासन के लिए अधिकतम 50 अंक निम्नानुसार रहेंगे:-
    • अनुशासन                        -           25
    • खेलकूद                          -           10
    • सांस्कृतिक गतिविधियां         -         05
    • फील्ड प्रजेन्टेशन                -          05
    • फील्ड जनरल                   -           05

 

वन विद्यालय :


पिक 1 पिक 2
   

क्‍लास रूम

तेन्‍दुपत्‍ता अध्‍ययन

प्रशिक्षुओं द्वारा रक्‍तदान की गतिविधि

स्‍वीमिंग प्रशिक्षण

 

 

सीधी भर्ती के सहायक वन संरक्षकों के लिये आयोजित 24 माह का प्रशिक्षण -

सीधी भर्ती के सहायक वन संरक्षकों के लिये भारत सरकार वन शिक्षा निदेशालय, देहरादून द्वारा पाठ्यक्रम की अवधि दो वर्ष की रखी गई, जिसमें पाठ्यक्रम के प्रारंभिक 16 महीने (प्रथम चरण) पूरे होने के बाद, प्रशिक्षु अधिकारी चार महीने की अवधि के लिए प्रशिक्षण लेने हेतु संबंधित राज्य वापस आते हैं। इसके बाद, प्रशिक्षु अधिकारी चार महीने की अवधि के लिए अगले प्रशिक्षण के लिए (द्वितीय चरण) कॉलेज में रिपोर्ट करते हैं। पाठ्यक्रम के दौरान 30 दिनों का सत्रावकाश होता है। प्रधानाचार्य सत्रावकाश का समय निर्धारित कर करते हैं, सत्रावकाश की अवधि अर्जित अवकाश में गिनी जाती है।

  • वर्तमान में वर्ष 2019, 2020 एवं 2021 में चयनित सीधी भर्ती के 19 सहायक वन संरक्षक निम्नानुसार वन अकादमियों में 24 माह का प्रशिक्षण पाठयक्रम प्राप्त कर रहे हैं -

 

चयन सूची वर्ष चयनित उम्मीदवारों की संख्‍या प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे उम्मीदवारों की संख्या आयोजित प्रशिक्षण सत्र दिनांक प्रशिक्षण वन अकादमी जहा प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे है

2019 (सूची जारी दिनांक 03.07.2023)

06 05 28 नवम्बर 2023 से 27 नवम्बर 2025 केन्द्रीय अकादमी राज्य वन सेवा कोयम्बटूर
01 01 जुलाई 2025 से 30 जून 2027

2020 (सूची जारी दिनांक 12.07.2023)

06 06 21 अगस्त 2024 से 20 अगस्त 2026 केन्द्रीय अकादमी राज्य वन सेवा देहरादून

2021 (सूची जारी दिनांक 24.07.2024)

07 07 01 जुलाई 2025 से 30 जून 2027 केन्द्रीय अकादमी राज्य वन सेवा कोयम्बटूर
योग - 19 19    
  • वन अकादमियों द्वारा दो वर्षीय पाठयक्रम में प्रशिक्षार्थियों को विभिन्‍न विषयों प्रशिक्षण दिया जाकर उनकी परीक्षा दो चरणों में आयोजित की जाती है।
  • प्रथम चरण में तीन परीक्षाएँ और द्वितीय चरण में एक परीक्षा होती है। महाविद्यालय के प्राचार्य परीक्षाओं का कार्यक्रम तय करते हैं। प्रत्येक विषय के लिए अधिकतम अंक निम्नलिखित है :

प्रथम चरण परीक्षा-

S. No. Subjects Theory Practical Total
1 General Botany / Mathematics 100 0 100
2 Application of Modern Tools and Technology 100 100 200
3 Silviculture -I 150 50 200
4 Silviculture -II 200 0 200
5 Forest Resource Assessment 150 50 200
6 Forest Survey 100 100 200
7 Forest Policy and Law 250 0 250
8 Forest Engineering 100 100 200
9 Ecology and Environmental Science 200 0 200
10 Adverse Influence on Forest 150 50 200
11 Forest Utilization -I 150 50 200
12 Forest Utilization -II 200 0 200
13 Forest Resource Management 200 0 200
14 Natural Resource Management 150 100 250
15 Environmental Economics 200 0 200
Total 2400 600 3000

द्वितीय चरण परीक्षा-

S.No. Subjects Theory Practical Total
1 Biodiversity Conservation and Management 200 50 250
2 Joint Forest Management Rural and Tribal Development 100 0 100
3 Human Resource Development and Management 150 0 150
4 Forest Accounts and Procedures 10 0 100
Total 550 50 600

सीधी भर्ती वनक्षेत्रपालों के लिये आयोजित 18 माह का प्रशिक्षण -

सीधी भर्ती के वनक्षेत्रपालों के लिये भारत सरकार वन शिक्षा निदेशालय, देहरादून द्वारा पाठ्यक्रम की अवधि 18 माह की रखी गई है। पाठ्यक्रम के दौरान 30 दिनों का सत्रावकाश होता है। प्रधानाचार्य सत्रावकाश का समय निश्चित करते हैं। सत्रावकाश की अवधि अर्जित अवकाश में गिनी जाती है।

  • वर्ष 2020, 2021 एवं 2023 के सीधी भर्ती के 146 वनक्षेत्रपाल निम्‍नानुसार वन अकादमियों में 18 माह का प्रशिक्षण प्राप्‍त कर रहे हैं -
वनक्षेत्रपालों की संख्य प्रशिक्षण वन अकादमी का नाम आयोजित प्रशिक्षण सत्र दिनांक
05 तमिलनाडु वन प्रशिक्षण अकादमी, कोयम्‍बटूर 25 नवम्‍बर 2024 से  24 जून 2026
22 गुजरात फारेस्‍ट रेंजर कॉलेज, राजपिपला 03 मार्च 2025 से 02 सितम्‍बर 2026
41 कुण्‍डल अकादमी प्रशासनिक विकास एवं प्रबंधन, कुण्‍डल, संगली 07 जुलाई 2025 से 06 जनवरी 2027
37 चंद्रपुर वन अकादमी, चंद्रपुर 07 जुलाई 2025 से 06 जनवरी 2027
41 उडीसा रेंजर कालेज, अंगुल 07 जुलाई 2025 से 06 जनवरी 2027
146    
  • वन अकादमियों द्वारा दो वर्षीय पाठयक्रम में प्रशिक्षार्थियों को विभिन्‍न विषयों में प्रशिक्षण दिया जाकर उनकी परीक्षा दो चरणों में आयोजित की जाती है।
  • प्रथम और द्वितीय चरण के दौरान दो-दो परीक्षाएँ आयोजित की जाती है। परीक्षा का कार्यक्रम प्रधानाचार्य द्वारा तय किया जाता है जाएगा। प्रत्येक विषय के लिए अधिकतम अंक निम्नलिखित है :
प्रथम चरण परीक्षा-
S.No. Subjects Theory Practical Total
1 General Botany / Mathematics 100 0 100
2 Application of Modern Tools and Technology 150 50 200
3 Silviculture -I 150 50 200
4 Silviculture -II 200 0 200
5 Forest Resource Assessment 150 50 200
6 Forest Survey 150 100 250
7 Forest Engineering 100 100 200
8 Adverse Influence on Forests 150 50 200
9 Forest Utilization -I 150 50 200
Total 1300 450 1750
द्वितीय चरण परीक्षा-
S.No. Subjects Theory Practical Total
1 Forest Policy and Law 250 0 250
2 Ecology and Environmental Science 200 0 200
3 Forest Utilization -II 150 0 150
4 Forest Resource Management 200 0 200
5 Natural Resource Management 150 50 200
6 Forest Eonomics 200 0 200
7 Biodiversity Conservation and Management 200 50 250
8 Joint Forest Management Rural and Tribal Development 150 0 150
9 Human Resource Development and Management 150 0 150
10 Forest Accounts and Procedures 100 0 100
Total 1750 100 1850

रिफ्रेशर कोर्स -

  • सहायक वन संरक्षक, वनक्षेत्रपाल एवं वनरक्षक स्तर के क्षेत्रीय अमले/कार्यालयीन कर्मचारियों का 2 एवं 5 दिवसीय रिफ्रेशर कोर्स निम्न विषयों पर समस्त वन विद्यालयों में आयोजित किये जाते है -
क्र. प्रशिक्षण विषय अवधि
1 वन सुरक्षा 5 दिवस
2 वन्यप्राणी संरक्षण 5 दिवस
3 कार्य आयोजना 5 दिवस
4 मार्किंग, विदोहन एवं डिपो से निवर्तन 5 दिवस
5 रोपणी प्रबंधन एवं वृक्षारोपण 5 दिवस
6 कार्यालय प्रबंधन माड्यूल-1 एवं माड्यूल-2 2-2 दिवस
7 वन सुरक्षा 2 दिवस
8 वन्यप्राणी संरक्षण 2 दिवस

विभागीय परीक्षा का आयोजन

मध्य प्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग के पत्रा क्रमांक एफ-10-1/2015/1/9 दिनांक 27.03.2015 के परिपेक्ष्य में भारतीय वन सेवा प्रशिक्षु अधिकारियों, सहायक वन संरक्षकों, वनक्षेत्रपालों एवं उपवनक्षेत्रपालों के लिये समस्‍त 16 क्षेत्रीय वन वृत्‍तों में विभागीय परीक्षा प्रत्‍येक वर्ष में दो बार निम्‍न विषयों पर आयोजित की जाती है :-
अनु.क्र. परीक्षा स्‍तर विषय कुल अंक उत्‍तीर्ण हेतु निर्धारित अंक
1 भा.व.से. परिवीक्षाधीन/सहायक वन संरक्षक/वनक्षेत्रपाल प्रथम-वन विधि 100 65
द्वितीय-सामान्‍य विधि 100 65
तृतीय-प्रक्रिया तथा लेखा 100 65
2 वनक्षेत्रपाल/ उपवनक्षेत्रपाल प्रथम-प्रक्रिया 100 60
द्वितीय-लेखा 100 60
तृतीय-सामानय विधि 100 60
3 अहिन्दीभाषी राज्यों से आये अधिकारियों के लिये हिन्‍दी 100 65

मध्य प्रदेश शासन सामान्य प्रशासन विभाग के ज्ञाप क्रमांक 1-15-77-ह.आ.से दिनांक 18.02.1978 के अनुसार विभागीय परीक्षाओं में राज्य शासन के अनुसूचित जाति/अनुसूचित जन जाति कर्मचारियों को निर्धारित न्यूनतम अंकों में 10 प्रतिशत तक अंकों की छूट दी जाती है।

iGOT मिशन कर्मयोगी

  • iGOT मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विभिन्न क्षमता निर्माण प्रशिक्षण कार्यों के लिए भारत सरकार द्वारा मध्य प्रदेश वन विभाग को iGOT पोर्टल (igotkarmayogi.gov.in) से जोड़ा गया।
  • iGOT पोर्टल मध्‍यप्रदेश वन विभाग से MDO Leader के रूप में श्री रिपुदमन सिंह भदौरिया, वन संरक्षक सागर वन वृत्‍त को बनाया गया।
  • मध्य प्रदेश वन विभाग के कुल 18630 कार्यरत समस्त श्रेणी (ABCD) के शासकीय अधिकारी कर्मचारियों में 18289 का रजिस्‍ट्रेशन पूर्ण।
  • iGOT मिशन कर्मयोगी पोर्टल पर वन विभाग के निम्‍नानुसार विभिन्‍न विषयों पर डिजिटल प्रशिक्षण कार्यक्रम निर्मित करने की कार्यवाही

 

क्रमांक विषय वस्‍तु
1 Compensatory Afforestation Fund Management and Planning Authority (CAMPA)
2 वन (संरक्षण एवं संवर्धन) अधिनियम, 1980 के तहत ऑनलाईन प्रस्‍ताव तैयार किये जाने हेतु सामान्‍य प्रक्रिया
3 बांस कृषि प्रशिक्षण सामग्री
4 सामाजिक वानिकी रोपणियों में उचित गुणवत्‍ता के पौधों की तैयारी-विधि एवं प्रक्रिया
5 वनरक्षक भर्ती नियम
6 काष्‍ठ विदोहन, निर्वर्तन एवं परिवहन
7 ईको टूरिज्‍म

अन्‍य राज्‍य के वनरक्षकों का प्रशिक्षण का आयोजन

  • मध्यप्रदेश राज्य में बिहार राज्य के कुल 871 महिला एवं पुरुष वनरक्षक प्रशिक्षणार्थियों के लिये दो सत्रों में 6 माह का वनरक्षक प्रशिक्षण सफलतापूर्वक आयोजित कराया गया था। उक्त दोनों प्रशिक्षण हेतु बिहार राज्‍य से 5.74 करोड़ की राशि प्रशिक्षण शुल्‍क के रूप में प्राप्‍त हुई थी।
  • वर्तमान में छत्तीसगढ़ राज्य वन विभाग के सीधी भर्ती के 700 से 800 वनरक्षकों का आधारभूत प्रशिक्षण मध्यप्रदेश वन विभाग के अंतर्गत संचालित वन विद्यालयों में दिलाये जाने हेतु विचाराधीन है।